महिलाओं को फैक्ट्री में पहली नौकरी के लिए इंजीनियरिंग की डिग्री ज़रूरी नहीं

आर्ट्स या कॉमर्स से ग्रेजुएशन करने वाली युवतियाँ शायद ही कभी किसी इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन करने के बारे में सोचती हों। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इस क्षेत्र में उनके लिए भी कुछ रास्ते खुले हैं।

तमिलनाडु के एक आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज से पढ़ाई करने वाली एक युवती टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में जूनियर टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रही थी। उसका काम तैयार उत्पादों की जाँच करना और उनमें खामियाँ ढूँढ़ना था।

उत्तर प्रदेश सरकार के रोजगार पोर्टल पर मौजूद एक भर्ती विज्ञापन से पता चलता है कि महिलाएँ इस तरह की इंडस्ट्री में नौकरी के मौके कैसे तलाश सकती हैं। इस पोर्टल पर एक भर्ती एजेंसी ने तमिलनाडु के होसुर में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की फैक्ट्री में असेंबली के काम के लिए आवेदन माँगे हैं। इनमें BA, BSc, BCom और BBA पास ऐसी युवतियाँ भी आवेदन कर सकती हैं जिन्हें पहले काम करने का अनुभव नहीं है।

विज्ञापन के मुताबिक, इस नौकरी का मासिक CTC ₹19,000 है। इसके अलावा, नियमित हाज़िरी पर ₹1,000 का बोनस भी दिया जाएगा। काम अलग-अलग शिफ्ट में होगा और सप्ताह में छह दिन काम करना होगा। विज्ञापन में रहने, खाने और आने-जाने की सुविधाओं का भी ज़िक्र है। यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि CTC का मतलब हाथ में मिलने वाली पूरी सैलरी नहीं है।

नौकरी के लिए आवेदन करने वाली युवतियों को रहने का खर्च, सैलरी से होने वाली कटौतियाँ और नौकरी की सभी शर्तें लिखित में लेनी चाहिए। आगे बढ़ने से पहले उन्हें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से सीधे यह भी पता कर लेना चाहिए कि भर्ती एजेंसी को कंपनी की ओर से नियुक्तियाँ करने की अनुमति है या नहीं और नौकरी का प्रस्ताव सही है या नहीं।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के मुताबिक, उसके टेक्नीशियनों को मामूली शुल्क पर हॉस्टल, कम कीमत पर खाना और आने-जाने के लिए परिवहन की सुविधा दी जाती है। महिलाओं को बस से छोड़ने के दौरान सुरक्षा कर्मचारी भी साथ रहते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्रियों में कुछ ऐसे काम भी हैं जिनके लिए इंजीनियरिंग की डिग्री ज़रूरी नहीं होती। इसलिए कोई महँगा कोर्स करने पर पैसे खर्च करने से पहले युवतियों को ऐसे विकल्प भी तलाशने चाहिए, जहाँ उनकी मौजूदा डिग्री ही करियर शुरू करने के लिए काफ़ी हो सकती है।