कंपनी ने खत्म की ऊँच-नीच, अब सब बराबर!

व्यंग्य

कर्मचारियों और बड़े अधिकारियों के बीच की दूरी मिटाने के लिए बेंगलुरु की एक कंपनी ने नया तरीका निकाला है। कंपनी ने ऐलान किया है कि अब दफ्तर में बेवजह की अफसरशाही खत्म की जाएगी।

इस फैसले की जानकारी सीईओ के दफ्तर से भेजे गए एक ईमेल के जरिए दी गई। ईमेल पहले चीफ पीपल ऑफिसर के पास पहुँचा। वहाँ से सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, जनरल मैनेजर, डिप्टी जनरल मैनेजर, सीनियर मैनेजर, मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और टीम लीडर से होता हुआ आखिरकार कर्मचारियों तक पहुँचा। हालाँकि, इस फैसले पर अंतिम मुहर एक खास कमेटी लगाएगी, जिसकी बैठक अगली तिमाही में होगी।

ईमेल पढ़कर पूरी कंपनी में हलचल मच गई। इसमें कर्मचारियों से कहा गया कि वे बिना डरे अपने अधिकारियों के फैसलों पर सवाल उठाएँ। बस, इसके लिए पहले अपने मैनेजर की अनुमति लेनी होगी।

कंपनी ने एक नई ‘ओपन डोर पॉलिसी’ भी शुरू की है, जिससे सभी कर्मचारी बेहद खुश हैं। अब वे सीधे बड़े अधिकारियों से मिल सकते हैं। इसके लिए उन्हें बस अपने विभाग के प्रमुख से समय लेना होगा और यह बताना होगा कि वे बड़े अधिकारी से क्यों मिलना चाहते हैं। इसके बाद एचआर विभाग से मंजूरी मिलते ही मुलाकात का इंतजाम कर दिया जाएगा।

कंपनी के मुताबिक, ये नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि ‘ओपन डोर पॉलिसी’ का कोई गलत फायदा न उठा सके।

सीईओ ने कहा कि इस पहल का मकसद ऐसा दफ्तर बनाना है जहाँ हर कर्मचारी की बात को बराबर अहमियत मिले। कर्मचारियों को खुलकर अपनी राय और शिकायतें बताने के लिए एक गुमनाम फीडबैक सिस्टम भी शुरू किया गया है।

इसमें कर्मचारी अपना एम्प्लॉयी आईडी दर्ज करने के बाद बेझिझक अपनी बात रख सकते हैं।