भारतीय कंपनी ने बनाया एक नया पद

बेंगलुरु की एक कंपनी ने अपने कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव करते हुए एक नया पद बनाया है। इसका नाम है ‘पर्सन एक्चुअली वर्किंग’ (PAW), यानी ‘वह व्यक्ति जो सचमुच काम करता है’। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी को इस पद की ज़रूरत का पता अचानक एक अंदरूनी जाँच के दौरान चला।

कंपनी के मैनेजमेंट ने गौर किया कि प्रोजेक्ट्स का काम लगातार आगे बढ़ रहा था, जबकि उसकी समीक्षा करने, तालमेल बैठाने, मामले ऊपर तक पहुँचाने और रणनीतिक सलाह देने के लिए 14 लोग पहले से मौजूद थे।

चुपचाप जाँच करने पर पता चला कि इसके पीछे कुशल नाम का एक शांत स्वभाव वाला कर्मचारी था। कुशल पिछले तीन साल से किसी लीडरशिप वर्कशॉप में नहीं गया था। फिर भी वह हर काम के लिए पहले कोई कमेटी बनाए बिना उसे पूरा कर रहा था।

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें तो यकीन ही नहीं हुआ।”

आगे की जाँच में पता चला कि कुशल एक्सेल शीट संभालने, क्लाइंट की प्रेज़ेंटेशन ठीक करने और तकनीकी समस्याएँ सुलझाने के अलावा कभी-कभी ऑफिस का प्रिंटर भी ठीक कर देता था।

लेकिन मैनेजमेंट के लिए सबसे ज़्यादा चिंता की बात उसकी एक और आदत थी। वह ईमेल में जो जानकारी माँगी जाती थी, सीधे वही भेज देता था।

कंपनी के हेड ऑफ स्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट ने कहा, “इससे संबंधित लोगों के साथ तालमेल बैठाने की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती थी। यह हमारी कम्युनिकेशन पॉलिसी के खिलाफ था।”

इस खुलासे के बाद कंपनी ने कुशल की काम करने की क्षमता का अध्ययन करने के लिए छह सदस्यों की एक कमेटी बनाई है।

हालाँकि, कुशल का प्रमोशन फिलहाल टाल दिया गया है। कंपनी का कहना है कि वह उसे उसकी मौजूदा ज़िम्मेदारियों से हटाने का जोखिम नहीं उठा सकती।

यह एक व्यंग्य है। इसमें बताई गई कंपनी, पात्र और घटनाएँ पूरी तरह काल्पनिक हैं।