पहली फैक्ट्री नौकरी? यूपी में भी तलाशें मौके

जी हाँ। आपने सही पढ़ा। दशकों से उत्तर प्रदेश के लोग फैक्ट्रियों में काम करने के लिए महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के औद्योगिक शहरों का रुख करते रहे हैं। लेकिन अब, जब देश की फैक्ट्रियों में रोजगार बढ़ रहा है, तो औद्योगिक रोजगार की चर्चा में उत्तर प्रदेश का नाम भी शामिल होना चाहिए।

साल 2024–25 में देश की पंजीकृत फैक्ट्रियों में लगभग 2.10 करोड़ लोग काम कर रहे थे, जबकि पिछले साल यह संख्या 1.96 करोड़ थी। यानी एक ही साल में करीब 14 लाख और लोगों को इस क्षेत्र में रोजगार मिला। फैक्ट्रियों में अपना करियर शुरू करने की सोच रहे युवाओं के लिए यह उत्साहजनक बात है।

जिस बात की चर्चा कम होती है, वह है फैक्ट्रियों में रोजगार के मामले में उत्तर प्रदेश की बढ़ती हिस्सेदारी। देश के कुल पंजीकृत औद्योगिक रोजगार में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी पिछले साल के 8.30 प्रतिशत से बढ़कर 2024–25 में 8.72 प्रतिशत हो गई। इस मामले में उत्तर प्रदेश अभी भी तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों से पीछे है, लेकिन उसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

बेशक, इन आँकड़ों से यह पता चलता है कि पंजीकृत फैक्ट्रियों में कितने लोग काम कर रहे हैं। इससे यह नहीं पता चलता कि इस समय कहाँ नौकरियाँ खाली हैं या पहली नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए कितने मौके उपलब्ध हैं। फिर भी, ये आँकड़े इस धारणा पर सवाल उठाते हैं कि फैक्ट्रियों में रोजगार के अवसर देश के कुछ पुराने औद्योगिक केंद्रों तक ही सीमित हैं।

उत्तर भारत के युवाओं के लिए यह जानना ज़रूरी है कि क्या उनके घर के आसपास भी उद्योगों में रोजगार बढ़ रहा है। देश में औद्योगिक रोजगार अब सिर्फ पुराने औद्योगिक केंद्रों तक सीमित नहीं है। इसलिए नौकरी तलाश रहे युवाओं को भी यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि उनके पास गिने-चुने विकल्प ही हैं।